आईपीआरसीएल ग्राहक द्वारा बताये गए/आवश्यक आधार पर परियोजनाओं के संपूर्ण कार्यान्वयन एवं विभिन्न चरणों के लिए परियोजना प्रबंधन परामर्श सेवा प्रदान करती है | कार्य सूची पर काम कर रहे कांट्रेक्टर एक या ज्यादा हो सकते हैं | हम परियोजना के सभी घटकों के लिए सेवाएं प्रदान करते हैं | परियोजना के प्रारम्भ होने से पहले रिपोर्टिंग, संचार एवं पत्राचार के चैनल्स को स्थापित करना | परियोजना प्रबंधक, कांट्रेक्टर, टीम के सदस्यों एवं ग्राहक के बीच कितनी अधिकारिक बैठकें होनी चाहियें, उनका कार्यक्षेत्र, प्रसार, सीमा, पर सहमति बनाना |
सेवायें शामिल हैं परन्तु सीमित नहीं :
- कांट्रेक्टर को विस्तृत डिजाईन परीक्षण के बाद जारी करवाना
- यह सुनिश्चित करना की कांट्रेक्टर(स) के पास काम शुरू करने के लिए उचित एवं अनुमोदित परियोजना कार्यान्वयन प्लान है |
- परियोजना स्थल प्रगति बैठक आयोजित करना एवं उनकी अध्यक्षता करना एवं बैठकों की रिपोर्ट बनाना |
- साप्ताहिक एवं मासिक रिपोर्ट बनाना |
- कांट्रेक्टर से समन्वय कर सुनिश्चित करना कि साईट पर उचित स्वास्थ्य एवं सुरक्षा प्रणाली स्थापित की गई है ; सुरक्षा मानकों के पालन की निगरानी कर यह देखना की उनका पालन हुआ है तथा मासिक सुरक्षा बैठकें आयोजित करना |
- परियोजना कार्यान्वयन के लिए कॉन्ट्रैक्टर्स को अनुदेश जारी करना एवं पर्यवेक्षण करना |
- कांट्रेक्टर, नियोक्ता/मालिक एवं प्राधिकारियों के बीच जहाँ आवश्यक हो समन्वय/संपर्क बनाना |
- कार्य का अंतरिम मापन एवं अंतरिम अदायगी प्रमाणपत्र समयबद्ध तरीके से जारी करना |
- परियोजना से सम्बंधित सभी कीमतों पर निगरानी रखना एवं परियोजना के लिए आवश्यक नकदी प्रवाह का पूर्वानुमान प्रदान करना |
- कार्य शुरू होने से पहले यह सुनिश्चित करना कि रेलवे रेगुलेशन के जो भी उच्च गुणवत्ता मानक/एपीएमटी मानक हों वे कांट्रेक्टर के पास परियोजना गुणवत्ता योजना (QA/QC) में है या नहीं, तथा कार्य की प्रगति एवं गुणवत्ता की निगरानी करना |
- कार्य स्थल पर सभी परीक्षणों की निगरानी करना एवं यदि आवश्यक हो स्वतंत्र जांच दुबारा करवाना |
- आवश्यक समापन प्रमाणपत्र एवं दूसरे प्रमाणपत्र और सूचना जिसमें अंतिम स्वीकृति प्रमाणपत्र शामिल हैं जारी करना |
- कांट्रेक्टर(स) एवं ग्राहक के बीच कोई विवाद या मतभेद को निपटाने में सहायता करना |
- योजना एवं समन्वय करना जिसमें आवश्यकतानुसार प्राधिकारियों द्वारा सर्वे, सामग्री की जांच, परीक्षण, ट्रायल एंड टेस्टिंग, साईट इंस्पेक्शन शामिल है |
- कार्य पूर्ण होने पर ड्राइंग में बदलाव करना जो कार्य करने के दौरान सहमत एवं क्रियान्वित किये गए थे, तथा “एज बिल्ट” ड्राइंग बनाना |
- दावा : समीक्षा कर कॉन्ट्रैक्टर्स के अदायगी के आवेदन, बदलाव, दावे एवं EOT के अनुरोध, ग्राहक को अनुमोदन के लिए सिफारिश करना | कॉन्ट्रैक्टर्स के दावों का मूल्यांकन, दावा बैठकों में भाग लेना, दावों (कीमत एवं समय) पर सुलझाव की बातचीत में सहायता करना, एवं योग्य कार्रवाई बनाकर ग्राहक को सिफारिश करना जिससे वह सभी दावों पर योग्य निर्णय ले सके एवं सभी दस्तावेजों का प्रबंधन एवं ग्राहक के आदेश पर दावों पर अंतिम निर्णय बताना |
- EDMS : इलेक्ट्रॉनिक डाटा मैनेजमेंट सिस्टम स्थापित करना एवं अनुशासनात्मक प्रक्रियाओं का इस प्लेटफार्म द्वारा परियोजना के लिए प्रस्तुतीकरण, नियंत्रण, निगरानी(मौनिटरिंग), अभियांत्रिकी दस्तावेजों की निगरानी और रखरखाव, अनुबंध विवरण, अनुबंध परिवर्तन, वेंडर दस्तावेज़, ड्राइंग, निर्देश पुस्तिकाएं, रिपोर्ट्स, शेड्यूल्स, एज बिल्ट ड्राइंग इत्यादि को पूरा करना |